हालदार साहब ड्राइवर से चौराहे पर रुकने के लिए मना क्यों करते हैं
क्योंकि सुभाष की आंखों पर चश्मा नहीं होगा।
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हालदार साहब को हर .............दिन कंपनी के काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुजरना पड़ता था।
15 वे दिन
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एक बार ऐसा क्या हुआ?
मूर्ति के चेहरे पर कोई भी, कैसा भी चश्मा नहीं था ।उस दिन पान की दुकान और चौराहे की अधिकांश दुकानें बंद थी।
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banana
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हालदार साहब किस प्रकार के चश्मों को बदलते हुए देखते रहे?
कभी गोल,कभी चौकोर ,कभी लाल, कभी काला ,कभी धूप का चश्मा ,कभी बड़े कांचवाला गोगो चश्मा।
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हालदार साहब को पान वाले द्वारा एक............... का इस तरह का मजाक उड़ा जाना अच्छा नहीं लगा।
देशभक्त
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कस्बे की विशेषता बताइए
कस्बा बहुत बड़ा नहीं था जिसे पक्का मकान कहां जा सके वैसे कुछ मकान जिसे बाजार कहा जा सके वैसा एक ही बाजार ।एक लड़कों का स्कूल, एक लड़कियों का स्कूल, सीमेंट का कार
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कंपनी के काम के सिलसिले में उस कस्बे से किसे गुजारना पड़ता था?
हालदार साहब को|
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trap
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कौतुकभरी मुस्कान क्यों फैल गई?
मूर्ति पत्थर की थी लेकिन चश्मा रियल।
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gift
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यह कहानी किस के बारे में
प्रतिमा के बारे में बल्कि उसके भी एक छोटे से हिस्से के बारे में।
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15
इसे सराहा जा सके ।वाक्यांश के लिए एक शब्द
सराहनीय
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5
होम कर देना ।मुहावरे का अर्थ स्पष्ट कीजिए
कुर्बान कर देना
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5
कैप्टन चश्मे वाला कैसा दिखता था
बेहद गुलाम अध्यक्षा लंगड़ा आदमी सिर पर गांधी टोपी और आंखों पर काला चश्मा लगाए एक हाथ में छोटी सी संदूक थी और दूसरे हाथ में एक बाँस पर टंगे हुए चश्मे लिए चलता था